
लखनऊ के आशियाना इलाके में पैथालॉजी संचालक व कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया। पुलिस पूछताछ में जो बातें सामने आईं, वे किसी क्राइम-थ्रिलर की स्क्रिप्ट जैसी लगती हैं लेकिन यह हकीकत है।
वेब सीरीज से ‘आइडिया’?
जांच में सामने आया कि बेटे अक्षत ने एक वेब सीरीज देखकर शव ठिकाने लगाने का तरीका सीखा। उसे लगा कि आरी से शव काटना आसान होगा।
बताया गया है कि पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगाया, लेकिन असफल रहने पर बाजार से दो आरी खरीदीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने YouTube पर भी संबंधित वीडियो देखे।
“स्क्रीन पर दिखने वाला क्राइम, जब दिमाग में उतर जाए तो समाज के लिए खतरे की घंटी है।”
न पछतावा, न घबराहट?
अक्षत ने बहन से कहा “तुम परेशान मत हो, मैं सब संभाल लूंगा।” जांच एजेंसियों का कहना है कि उसके मन में पिता के प्रति गहरा आक्रोश था। हत्या के बाद सामान्य व्यवहार यह पहलू पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला है।
परिवार की चुप्पी और कॉल डिटेल की जांच
परिजनों ने सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार किया है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है पिता किन लोगों से संपर्क में थे? हत्या के बाद आरोपी ने किससे बात की? वारदात के समय घर में और कौन मौजूद था? इन सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करेंगे।

कॉलोनी में सन्नाटा, शहर में सवाल
कॉलोनी में अब भी सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। कुछ का मानना है कि परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव था।
सवाल यह भी क्या डिजिटल कंटेंट की अनियंत्रित पहुंच संवेदनशील दिमागों पर असर डाल रही है?
Crime Beyond Headlines
यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि पारिवारिक तनाव, मानसिक स्थिति और डिजिटल प्रभाव के खतरनाक संगम का संकेत देता है। जांच जारी है, और सच की परतें अभी खुलनी बाकी हैं।
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